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ज़िंदगी तुम बिन अधूरी (Zindagi Tum Bin Adhoori)

"प्रेम, विरह और जीवन का काव्यात्मक चित्रण"

(4)
by रोहित बारी 'राही (Rohit Bari 'Raahi')
₹160

ज़िंदगी तुम बिन अधूरी युवा रचनाकार रोहित बारी 'राही' का दूसरा काव्य-संग्रह है, जिसमें गीतों और ग़ज़लों का एक भावपूर्ण एवं आकर्षक गुलदस्ता पाठकों के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। इस संग्रह की रचनाएँ मानवीय संवेदनाओं की विविध छवियों को अभिव्यक्त करती हैं और हृदय के सूक्ष्मतम भावों को सहज भाषा में व्यक्त करती हैं।

 

संग्रह में प्रेम, विरह, पीड़ा, बेवफाई, मानवता तथा जीवन के विविध एहसासों का सुंदर समन्वय देखने को मिलता है। कवि ने अपने अनुभवों और भावनाओं को शब्दों में ढालकर ऐसी रचनाएँ सृजित की हैं जो पाठकों के मन को स्पर्श करती हैं और उन्हें आत्ममंथन के लिए प्रेरित करती हैं।

किताब का नाम ज़िंदगी तुम बिन अधूरी (काव्य-संग्रह)
रचनाकार रोहित बारी 'राही'
पृष्ठ 95 (पेपरबैक)
मूल्य ₹160
श्रेणी साहित्यिक
कीवर्ड साहित्य, कविता, गीत, ग़ज़ल, प्रेम, विरह, बेवफाई, मानवता, संवेदना, एहसास

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