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राष्ट्रीय काव्य चेतना और पंडित रामचरित उपाध्याय (Rashtriya Kavya Chetna Aur Pt. Ramcharit Upadhyay)

"राष्ट्रीय काव्यधारा के अग्रदूत : पं. रामचरित उपाध्याय"

(4)
by डॉ. जयंत कुमार पाठक (Dr. Jayant Kumar Pathak)
₹350

पं. रामचरित उपाध्याय हिन्दी की राष्ट्रीय काव्यधारा के प्रमुख कवि थे, जिन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से राष्ट्रीय चेतना और देशभक्ति को सशक्त स्वर प्रदान किया। यह पुस्तक उनके व्यक्तित्व, कृतित्व और साहित्यिक अवदान का प्रामाणिक अध्ययन प्रस्तुत करती है। शोधार्थियों, विद्यार्थियों और साहित्य-प्रेमियों के लिए यह एक उपयोगी संदर्भ-ग्रन्थ है।

किताब का नाम : राष्ट्रीय काव्य चेतना और पं. रामचरित उपाध्याय
लेखक : डॉ. जयंत कुमार पाठक
पृष्ठ : 220 (पेपरबैक)
श्रेणी : साहित्यिक आलोचना एवं शोध
कीवर्ड : साहित्य, कविता, गीत, ग़ज़ल, प्रेम, विरह, बेवफाई, मानवता, संवेदना, एहसास
 

पं. रामचरित उपाध्याय हिन्दी की राष्ट्रीय काव्यधारा के प्रमुख कवियों में अग्रगण्य हैं। उन्होंने अपनी साहित्यिक यात्रा ब्रजभाषा से प्रारम्भ की,

 किन्तु आगे चलकर खड़ी बोली हिन्दी को समृद्ध बनाने और उसके विषय-क्षेत्र का विस्तार करने में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया। 

स्वाधीनता आन्दोलन के दौर में विकसित राष्ट्रीय चेतना, जन-जागरण और देशभक्ति के स्वरों को उनकी कविताओं में अत्यन्त प्रभावशाली अभिव्यक्ति प्राप्त हुई।

 

प्रस्तुत पुस्तक पं. रामचरित उपाध्याय के व्यक्तित्व और कृतित्व का एक समग्र एवं प्रामाणिक अध्ययन है।

 इसमें उनके जीवन-संघर्ष, साहित्यिक अवदान, राष्ट्रीय दृष्टि तथा काव्य-साधना का विस्तृत विवेचन किया गया है। 

साथ ही उनकी प्रमुख रचनाओं का विश्लेषण करते हुए हिन्दी साहित्य और राष्ट्रीय काव्य चेतना के विकास में उनके योगदान को रेखांकित किया गया है।

 

पं. रामचरित उपाध्याय तथा राष्ट्रीय काव्यधारा को समझने के इच्छुक पाठकों, शोधार्थियों और साहित्य-प्रेमियों के लिए यह पुस्तक एक महत्त्वपूर्ण संदर्भ-ग्रन्थ है,

 जिसमें उनके जीवन और रचनाकर्म का मूल्यवान दस्तावेज उपलब्ध होता है।

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