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संवेदना का आकाश (काव्य-संग्रह)

संवेदना, समाज और जीवन का काव्यात्मक संसार

(4)
by महेन्द्र ‘मृदुल’
₹200
Speech Publications · Hindi · 100

कवि एवं गीतकार महेन्द्र ‘मृदुल’ ने समकालीन समाज, उसकी विसंगतियों और चुनौतियों को गहरी संवेदना के साथ समझा है। उनकी रचनाओं में सामाजिक यथार्थ के विविध रूपों को शब्द देने का सार्थक प्रयास दिखाई देता है। उनकी कविता जीवन, प्रकृति और समाज के साथ निरंतर संवाद करती हुई उन अनुभूतियों को स्वर देती है, जो मनुष्य के भीतर संवेदना और चिंतन के रूप में जन्म लेती हैं।

कविता वस्तुतः कवि, प्रकृति और समाज के बीच होने वाले अंतर्संबंधों तथा टकराहटों से उपजी अनुभूति का सृजनात्मक रूप है। इस दृष्टि से महेन्द्र ‘मृदुल’ का काव्य-संसार समाज के विभिन्न आयामों से उनके गहरे परिचय और सजग दृष्टि का परिचायक है।

यह काव्य-संकलन कविता और गीतों के प्रेमियों के लिए विशेष रूप से रुचिकर और प्रेरणादायक सिद्ध हो सकता है। साहित्य के प्रति रुचि रखने वाले पाठकों के लिए यह पुस्तक एक सार्थक और आनंददायक पाठन अनुभव प्रदान करती है।

PublisherSpeech Publications
AuthorMahendra Mridul
LanguageHindi
Pages100
Edtion2026
Available Coming Soon 
CoverHard bound 
Price200
Category Poetry

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