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भगवती छिन्नमस्ता चालीसा (Bhagwati Chhinnamasta Chalisa)

महाविद्या भगवती छिन्नमस्ता जगत के अधिपति कबंध शिव की महाशक्ति हैं।

(4)
by पं. सुभाष चन्द्र तिवारी 'कुंदन' (Pt. Subhash Chandra Tiwari 'Kundan')
₹25
Speech Publications · Hindi · 27 · Hindi

महाविद्या भगवती छिन्नमस्ता जगत के अधिपति कबंध शिव की महाशक्ति हैं। इनका अपर्नाम प्रचंड चंड चंडीका अथवा प्रचंड चंडीका हैं। बौद्धवो, शाक्तो,और जैनों में माँ छिन्नमस्ता का वज्र वैरोचनी नाम प्रचलित हैं। वृहदारन्यक की अश्वशीर-विद्या, शाक्तो की हयग्रीव विद्या और गाड़पत्यो के छिन्नशिर्ष का रहस्य छिन्नमस्ता से ही सम्बंधित हैं। अपना मस्तक काटकर भी ये जीवित हैं। यह अपने आप मर पूर्ण अंतर्मूखी साधना का संकेत हैं। इन्हे केवल समाधी द्वारा जाना जा सकता हैं। इनकी आराधना से साधक जीवभाव से मुक्त होकर शिवभाव को प्राप्त कर लेता हैं।

PublisherSpeech Publications
AuthorPt. Subhash Chandra Tiwari 'Kundan*
LanguageHindi
Pages27
CoverPaperback 
Edtion2024
AvaiableYes
LanguageHindi

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